उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव में हो रही देरी अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। इसी बीच किच्छा के पूर्व विधायक Rajesh Shukla को उत्तराखंड हाईकोर्ट की तरफ से अवमानना नोटिस जारी किया गया है। मामला अदालत की गरिमा पर टिप्पणी करने से जुड़ा बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट में नगर निकाय चुनाव में देरी को लेकर सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान अदालत के सामने कुछ वीडियो और पर्चों का जिक्र आया, जिनमें कथित तौर पर यह कहा गया था कि बार-बार तारीख बढ़ने की वजह से केस वापस भी लिया जा सकता है। अदालत ने इन टिप्पणियों को गंभीरता से लिया।
यह कार्रवाई जस्टिस Rakesh Thapliyal की बेंच की ओर से की गई। उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी कराया गया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और कोर्ट किसी भी मामले में पूरी सुनवाई के बाद ही फैसला देगा।
दरअसल, नगर निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी का असर कई इलाकों में विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर सड़क, सफाई, पानी और दूसरे कामों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। कई जगहों पर जनप्रतिनिधियों की कमी की वजह से छोटे-छोटे काम भी अटकने की बात सामने आ रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में देरी के पीछे कुछ प्रशासनिक और तकनीकी चुनौतियों का हवाला दिया है, लेकिन हाईकोर्ट इस मामले पर लगातार सख्त नजर बनाए हुए है। अब सबकी नजर अगली सुनवाई पर रहेगी कि अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी देरी और न्यायपालिका के सम्मान दोनों मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।
इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।
