हरिद्वार में बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व को लेकर आज से ही तैयारियां तेज हो गई हैं। अब प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है, ताकि स्नान के दिन शहर में भीड़ और जाम की स्थिति न बने।
इस बार लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने खास इंतजाम किए हैं।
क्या हुआ, कब से लागू होगा प्लान?
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, 30 अप्रैल की रात 12 बजे से शहर में भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। यह व्यवस्था मेला खत्म होने तक लागू रहेगी।
इसका मकसद साफ है—श्रद्धालुओं को बिना परेशानी गंगा स्नान और आवाजाही की सुविधा देना।
शहर में कैसे चलेगा ट्रैफिक?
ट्रैफिक दबाव बढ़ने पर:
- भारी वाहनों को शहर में आने से पहले ही बॉर्डर पर रोका जाएगा
- कई वाहनों को बैरागी कैंप और अन्य पार्किंग क्षेत्रों में डायवर्ट किया जाएगा
- चीला मार्ग को केवल ऋषिकेश की ओर निकासी के लिए रखा गया है
- गुरुकुल कांगड़ी और शंकराचार्य चौक से होकर सामान्य वाहनों की आवाजाही कराई जाएगी
जरूरत पड़ने पर नहर पटरी और मोहंड मार्ग जैसे वैकल्पिक रास्ते भी इस्तेमाल होंगे।
ऑटो और छोटे वाहनों पर क्या असर?
- ऋषिकेश और देहरादून से आने वाले ऑटो केवल जयराम मोड़ तक ही चलेंगे
- ललतारो पुल से शिवमूर्ति तक ऑटो और टैक्सी पर पूरी तरह रोक रहेगी
यानी शहर के अंदर कुछ इलाकों में पैदल चलना या निर्धारित वाहनों का ही सहारा लेना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
स्थानीय लोगों के लिए यह प्लान थोड़ी परेशानी जरूर ला सकता है, खासकर रोजाना कामकाज के लिए निकलने वालों को।
दूसरी तरफ, दुकानदारों और होटल कारोबारियों को इस पर्व से अच्छी कमाई की उम्मीद है।
आगे क्या हो सकता है?
अगर भीड़ उम्मीद से ज्यादा बढ़ती है, तो प्रशासन और सख्त डायवर्जन लागू कर सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी जरूर ले लें।
बड़ा सवाल
क्या इस बार ट्रैफिक प्लान जाम और अव्यवस्था को रोक पाएगा, या फिर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा?
इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।
