किच्छा से आज एक बड़ा मुद्दा सामने आया है। विधायक तिलकराज बेहड़ ने इलाके में बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्तियां उठाई हैं। उनका कहना है कि ताजा कामों में जो सड़कें बनी हैं, वे कुछ ही महीनों में उखड़ने लगी हैं। इसी को लेकर उन्होंने लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज को पत्र भेजकर जवाब मांगा है।
क्या हुआ और कब हुआ?
बुधवार को विधायक बेहड़ ने प्रेस से बातचीत में बताया कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों — 2022-23, 2023-24 और 2024-25 — में किच्छा विधानसभा क्षेत्र में राज्य योजनाओं से मंजूर सड़क कार्य के टेंडर 20% से लेकर 40–41% तक कम रेट पर पास किए गए हैं।
उनका दावा है कि इतनी कम दरों पर टेंडर पास होने से ठेकेदार गुणवत्ता पर समझौता कर रहे हैं और इसका असर सीधे सड़कों पर दिख रहा है।
समस्या क्यों उठी?
बेहड़ के अनुसार, करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कें विभागीय मानकों के मुताबिक नहीं बन रहीं। कई सड़कों की ऊपरी परत कुछ ही समय में उखड़ गई है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा मुद्दा है।
विधायक के मुताबिक, उन्होंने पहले भी अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता को कई बार पत्र लिखकर गुणवत्ता जांच की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
किच्छा और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग पहले से ही खराब सड़कों की परेशानी झेल रहे हैं। कई जगह गड्ढों की वजह से हादसों का खतरा बढ़ गया है। बारिश में हालात और खराब हो जाते हैं। तेज यात्रियों, स्कूली बच्चों और किसानों को रोजमर्रा की आवाजाही में दिक्कत उठानी पड़ती है।
अगले कदम क्या हो सकते हैं?
विधायक बेहड़ का कहना है कि अगर विभाग कार्रवाई नहीं करता, तो जनता के साथ आंदोलन किया जाएगा। वे इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में पुरजोर तरीके से उठाने वाले हैं।
उन्होंने मांग की है कि कम रेट पर पास होने वाले टेंडरों की जांच हो, मानकों के खिलाफ काम करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई हो और पहले से बनी खराब सड़कों की मरम्मत कराई जाए।
