उत्तराखंड में ठंड ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ से लेकर मैदान तक ठिठुरन का असर साफ दिख रहा है। कहीं ओस की बूंदें जम गई हैं तो कहीं नदियों-नालों पर बर्फ की परत नजर आ रही ह
क्या हुआ, कहां और कब?
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों—उत्तरकाशी, चकराता और अल्मोड़ा—में सुबह ओस की बूंदें जमती हुई देखी गईं। पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में हालात और भी सख्त हैं, जहां छोटी नदियां और नाले पूरी तरह बर्फ में तब्दील हो चुके हैं। कई जगह झरनों से गिरता पानी हवा में ही जम रहा है। इन इलाकों में तापमान माइनस 16 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है।
क्यों बढ़ी ठंड?
मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में सूखा मौसम बना हुआ है, जिसकी वजह से पाला और ठंड ज्यादा असर दिखा रही है। अगले दो दिन मौसम साफ रहने के आसार हैं, लेकिन शुक्रवार से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके बाद पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
मैदानी इलाकों का हाल
आज 14 जनवरी को हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के निचले इलाकों में घने कोहरे की संभावना जताई गई है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के लिए ‘कोल्ड डे’ का अलर्ट जारी किया गया है। खास बात यह है कि कई मैदानी इलाकों में ठंड पहाड़ों से भी ज्यादा महसूस की जा रही है। रुड़की में दिन का तापमान मसूरी और नैनीताल से नीचे चला गया है।
स्थानीय लोगों पर असर
पाला जमने से पहाड़ी इलाकों में पानी की पाइपलाइन और रास्तों पर फिसलन की समस्या बढ़ गई है। सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले लोग खासे परेशान दिखे। खेतों में पाला पड़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। वहीं, कोहरे की वजह से मैदानी जिलों में सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है, खासकर सुबह के समय।
आगे क्या हो सकता है?
मौसम विभाग के अनुसार 15 जनवरी को भी मैदानों में कोहरा बना रह सकता है। 16 और 17 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के 3400 मीटर से ऊपर वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इससे ठंड और बढ़ सकती है।
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