अब होमस्टे का फायदा सिर्फ उत्तराखंड वासियों को, सरकार ने बदले नियम

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देहरादून से आज की एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने होमस्टे योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना का लाभ सिर्फ उत्तराखंड के स्थायी निवासी ही ले पाएंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि बाहर के लोग यहां घर बनाकर होमस्टे चला रहे थे और उन सब्सिडियों का फायदा उठा रहे थे जो असल में स्थानीय लोगों के लिए थी.


क्या फैसला हुआ और क्यों?

गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में टूरिज़्म डिपार्टमेंट के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी गई।
विभाग ने बताया कि कई लोग दूसरे राज्यों से आकर यहां घर बनाते हैं, उसे होमस्टे के नाम पर चलाते हैं और:

  • लोकल सब्सिडी लेते हैं
  • टैक्स बचाते हैं
  • घर को कमर्शियल तरीके से इस्तेमाल करते हैं

इस वजह से असली स्थानीय लोगों को नुकसान हो रहा था।

पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि पिछले साल स्टेकहोल्डर्स के साथ हुई बैठक में यह चिंता सबसे ज्यादा उठी थी कि “योजना का असली मकसद पूरा नहीं हो रहा।”


लाभ अब किन्हें मिलेंगे?

होमस्टे योजना के तहत स्थानीय लोगों को मिलते हैं:

  • 15 लाख रुपये तक की सहायता
  • 1.5 लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी
  • 5 साल तक राज्य GST का 100% रिफंड
  • पानी–बिजली बिल में राहत

साथ ही, नियम है कि परिवार का एक सदस्य वहीं रहकर मैनेजर की भूमिका निभाएगा, ताकि मेहमानों को स्थानीय संस्कृति का असली अनुभव मिले।

लेकिन कई बाहरी लोग इसे hired staff से चला रहे थे और घरों को residential connection पर ही रखकर खर्च बचा रहे थे।


अब बाहरी लोगों को क्या रास्ता?

दूसरे राज्यों के लोग चाहें तो Bed & Breakfast योजना में रजिस्टर कर सकते हैं।
यह मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों—नगर निगम, नगर पालिका, बड़े टूरिस्ट टाउन—के लिए है।
इसमें:

  • 250 sq. m. तक जमीन
  • 1 से 6 कमरे
    की अनुमति होती है।

स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

उत्तराखंड में अभी करीब 5,000 रजिस्टर्ड होमस्टे हैं।
नया नियम लागू होने से:

  • पहाड़ी इलाकों में स्थानीय युवाओं को ज्यादा मौका
  • गांवों में निवेश बढ़ने की उम्मीद
  • पर्यटन से होने वाली कमाई सीधे स्थानीय परिवारों तक पहुंचेगी

सरकार का कहना है कि यह योजना असल में पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बनी थी और वही अब सुनिश्चित किया जाएगा।


अगला कदम क्या हो सकता है?

संभावना है कि आने वाले दिनों में होमस्टे की जांच भी तेज हो सकती है—
क्योंकि कई होमस्टे गलत श्रेणी में रजिस्टर्ड पाए गए थे।
साथ ही, सरकार यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि संस्कृति, खानपान और लोकल अनुभव को बढ़ावा मिले।


इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।

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