उत्तराखंड में पहली बार ‘सीएम एकल महिला स्वरोजगार योजना’, अगले महीने से 500 से ज्यादा महिलाओं को लाभ

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अभी-अभी मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड सरकार अगले महीने से प्रदेश की एकल महिलाओं को बड़ी राहत देने वाली योजना शुरू करने जा रही है। यह पहली बार है जब राज्य में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना लागू होने वाली है। सरकार का दावा है कि इससे महिलाएं आज के समय में आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

क्या हुआ, कहां और कब?
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में हुई विभागीय बैठक में बताया कि योजना के तहत 504 पात्र महिलाओं की सूची तैयार कर ली गई है। इसके साथ ही 331 अन्य महिलाओं की सूची भी अंतिम चरण में है। यह लाभ अगले महीने, यानी फरवरी से शुरू होगा।

इसके साथ ही नंदा गौरा योजना की समीक्षा में यह भी सामने आया कि 11 जिलों की लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार हो चुकी है। इनमें 34852 इंटरमीडिएट पास छात्राएं और 6021 नवजात बालिकाएं शामिल हैं। इन सभी को फरवरी के पहले सप्ताह में आयोजित कार्यक्रम में धनराशि दी जाएगी।

क्यों शुरू की जा रही है यह योजना?
प्रदेश के पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में कई महिलाएं आर्थिक रूप से संघर्ष कर रही हैं—कुछ पति के न रहने से, कुछ अलग रहने की वजह से, और कुछ परिवारिक जिम्मेदारियों के कारण। सरकार का मानना है कि स्वरोजगार ही ऐसी महिलाओं को स्थिर आय और आत्मनिर्भरता दे सकता है। इसी सोच के साथ यह योजना पहली बार लागू की जा रही है।

स्थानीय महिलाओं पर क्या असर पड़ेगा?
योजना के तहत पात्र महिलाओं को दो लाख की परियोजना पर 75% सब्सिडी मिलेगी। यानी महिलाओं को बहुत कम पूंजी में अपना काम शुरू करने का मौका मिलेगा।
इससे—

  • छोटे व्यवसाय शुरू करना आसान होगा
  • ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगा
  • परिवार की आय में सीधा योगदान होगा
  • महिलाओं में आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी

कई महिला समूहों ने इस कदम को सराहा है, खासकर वे जिनके पास रोजगार के सीमित विकल्प हैं।

अन्य बड़े ऐलान भी किए गए
बैठक में मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपये दिए जाएंगे। आगे इस राशि को बढ़ाने की भी तैयारी है।
साथ ही सरकार वृद्ध महिलाओं के लिए भी एक नई योजना ला रही है, जिसके लिए गांव-गांव जाकर सर्वे किया जाएगा ताकि असली जरूरत समझकर योजना बनाई जा सके।

आगे क्या हो सकता है?
अधिकारियों के मुताबिक, दो और जिलों की सूची जल्द तैयार कर ली जाएगी, जिससे प्रदेशभर में इस योजना का लाभ तेजी से दिया जा सके। संभव है कि आने वाले महीनों में इस सब्सिडी की सीमा या सुविधाओं में भी विस्तार हो।

इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।

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