रुद्रपुर से आई इस ताज़ा और गंभीर खबर ने शहर के लोगों को परेशान कर दिया है। जूता व्यापारी ध्रुव चावला की संदिग्ध मौत को आज चार दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या थी या किसी और वजह से हुई मौत। पुलिस इसे प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या मान रही है, लेकिन घटनास्थल और परिस्थितियों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या हुआ था और कब हुआ?
गुरुवार रात करीब 10 बजे, सिविल लाइंस स्थित “शू विला” शोरूम में 25 वर्षीय ध्रुव चावला गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मिले थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ती गई और रविवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया।
सोमवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस अब ध्रुव के मोबाइल की सीडीआर रिपोर्ट खंगाल रही है।
क्यों बढ़ रही है संदिग्धता?
ध्रुव के दोस्तों ने पुलिस की आत्महत्या वाली थ्योरी पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि—
- ध्रुव मानसिक रूप से बेहद शांत और समझदार था।
- वह कभी कोई परेशानी छिपाता नहीं था।
- किसी भी दोस्त ने उसके पास कभी पिस्टल नहीं देखी।
- दुकान में वो आखिरी बार रात 9:14 बजे बाहर दिखा था।
उनके दोस्त मोसिम का कहना है कि जब वे दुकान पहुंचे, तो पहले लगा कि ध्रुव सो रहा है, लेकिन पास जाने पर देखा कि वह खून में लथपथ पड़ा है।
इलाज के दौरान हुई दौड़भाग
ध्रुव को पहले जिला अस्पताल, फिर रुद्रपुर के तीन निजी अस्पताल ले जाया गया—
लेकिन जहां भी ले गए, इलाज मना कर दिया गया।
आखिरकार दिल्ली और फिर वापस रुद्रपुर लौटना पड़ा, जहां केवल उनका हार्ट चल रहा था, जबकि दिमाग डैमेज हो चुका था।
स्थानीय लोगों पर असर
युवक की इस अचानक और संदिग्ध मौत से शहर में बेचैनी बढ़ी है। व्यापारी वर्ग में डर और गुस्सा दोनों है। लोग पूछ रहे हैं—
- अगर आत्महत्या थी, तो कारण क्या था?
- ध्रुव के पास पिस्टल कहां से आई?
- क्या दुकान में किसी और की मौजूदगी थी?
अगले कदम क्या हो सकते हैं?
पुलिस सीडीआर, कॉल रिकॉर्ड, दुकान का सीसीटीवी और पिस्टल की जांच पर फोकस करेगी। ध्रुव के परिवार और दोस्तों के बयान इस केस को नई दिशा दे सकते हैं।
नतीजा
87 घंटे बाद भी गुत्थी जस की तस है और जांच आगे उत्तरों से ज्यादा सवाल खड़े कर रही है।
इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।
