रुद्रपुर में आज रियल एस्टेट से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। प्लॉट की रजिस्ट्री कराने के नाम पर एक पुलिस कांस्टेबल और उसके साथी से 28 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी का आरोप लगा है। शिकायत के बाद एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने बिल्डर कंपनी के चार डायरेक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
यह मामला Rudrapur का है। पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल नईम खान ने बताया कि उन्होंने अपने साथी मोहम्मद यार खान के साथ मिलकर वर्ष 2023 से पहले डायनामिक/गार्डन सिटी में एक प्लॉट बुक कराया था। प्लॉट की कुल कीमत 28 लाख 11 हजार रुपये तय हुई थी।
क्या हुआ, कहां और कब?
पीड़ितों के मुताबिक, पूरा भुगतान करने के बाद मार्च 2023 में कंपनी की ओर से अलॉटमेंट लेटर दिया गया। उस समय कॉलोनी को विकास प्राधिकरण और रेरा से स्वीकृत बताया गया था। हालांकि कुछ कारणों से उस समय रजिस्ट्री नहीं हो पाई।
विवाद क्यों बढ़ा?
नईम खान का कहना है कि बाद में कई बार संपर्क करने पर भी बिल्डर ने रजिस्ट्री नहीं कराई। आरोप है कि बिल्डर सुधीर गुलाटी और मनीष अग्रवाल ने बार-बार आश्वासन दिया, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। करीब छह महीने पहले यह भरोसा भी दिलाया गया था कि अगर मार्च 2025 तक रजिस्ट्री नहीं होती, तो पैसा बाजार भाव के अनुसार या दोगुना वापस किया जाएगा। इसके बावजूद न रजिस्ट्री हुई और न ही रकम लौटाई गई।
पैसे कैसे दिए गए?
पीड़ितों ने बताया कि 15 लाख रुपये RTGS, 50 हजार रुपये फोनपे से और शेष 12 लाख 61 हजार रुपये नकद कंपनी तक पहुंचाए गए। अब आरोप है कि बिल्डर फोन उठाना भी बंद कर चुके हैं।
स्थानीय लोगों पर असर?
इस घटना के बाद शहर में प्लॉट और कॉलोनी बुकिंग को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। आम लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर पुलिस कर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम खरीदार कैसे भरोसा करें।
आगे क्या हो सकता है?
एसएसपी Manikant Mishra ने बताया कि मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान कंपनी के दस्तावेज और भुगतान का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जाएगा।
इस update पर नजर बनी हुई है।
