किच्छा में हैरान करने वाला मामला: जेल में बंद ग्राम प्रधान के DSC से निकले ₹10.39 लाख, जांच की मांग

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उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र से पंचायत स्तर पर फंड के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां दरऊ गांव की ग्राम प्रधान नाजिया बी के जेल में होने के बावजूद उनके डिजिटल सिग्नेचर (DSC) से सरकारी खाते से लाखों रुपये निकलने के आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले ने स्थानीय प्रशासन और पंचायत व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला किच्छा के दरऊ गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधान नाजिया बी पिछले साल 13 दिसंबर से पौड़ी जेल में बंद हैं। लेकिन आरोप है कि इस दौरान भी उनके आधिकारिक डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करके सरकारी खाते से करीब ₹10.39 लाख की निकासी कर ली गई। आरोप यह भी लगाया गया है कि यह रकम उनके पति अब्दुल गफ्फार द्वारा निकाली गई।

किच्छा के विधायक तिलक राज बेहड़ ने इस मामले को उठाते हुए रुद्रपुर में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि जब ग्राम प्रधान जेल में थीं तो नियम के अनुसार उनका DSC तुरंत निलंबित या फ्रीज होना चाहिए था। ऐसा नहीं होने से सरकारी धन की निकासी संभव हो गई। विधायक ने जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और तीन दिन के भीतर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह डीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।

दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी देवेश शासनी ने बताया कि पंचायत राज अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही साक्ष्यों के साथ पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई है।

इस पूरे घटनाक्रम ने पंचायत स्तर पर डिजिटल सिस्टम की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों के मन में सवाल है कि जब ग्राम प्रधान जेल में थीं, तब उनका DSC सक्रिय कैसे रहा। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पंचायत स्तर पर सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा मामला बन सकता है।

फिलहाल जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार है और स्थानीय लोगों की नजर इस पर टिकी हुई है कि आगे क्या कार्रवाई होती है।

इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।

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