खटीमा से आज फिर एक दुखद खबर सामने आई है। गुरुवार रात जहरीला पदार्थ पीने से बीमार पड़े तीन लोगों में से दूसरे युवक की भी शुक्रवार को मौत हो गई। तीसरे व्यक्ति, जो अधिवक्ता हैं, उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शराब की दुकान को सील कर दिया है और जांच तेज कर दी गई है।
क्या हुआ और कब हुआ?
गुरुवार देर रात कंजाबाग चौराहे के पास तीन लोग — ढिल्लू राणा, मलकीत सिंह और अधिवक्ता प्रवेश मौर्य — एक विवाह समारोह से लौट रहे थे। लौटते समय उन्होंने अंग्रेजी शराब की दुकान से ‘8 पीएम ब्लैक’ शराब खरीदी और कार में बैठकर पी।
शराब पीने के कुछ ही मिनटों बाद तीनों को अचानक तेज जलन, चक्कर और उलझन महसूस होने लगी। आस-पास के लोगों की मदद से सभी को तुरंत खटीमा के उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
उपचार के दौरान:
52 वर्षीय ढिल्लू राणा की गुरुवार रात ही मौत हो गई।
मलकीत सिंह को गंभीर हालत में बरेली रेफर किया गया, जहाँ शुक्रवार को उनकी भी मौत हो गई।
अधिवक्ता प्रवेश मौर्य का इलाज अभी भी बरेली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
क्यों हुआ — क्या जहरीला पदार्थ मिला था?
पुलिस जांच में शुरुआती जानकारी यह सामने आई है:
शराब की दुकान से खरीदी गई बोतल 8 पीएम ब्लैक की थी।
कार में एक तीव्र गंध वाली खाली बोतल भी मिली है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लिया है।
यह आशंका जताई जा रही है कि या तो शराब में जहरीला पदार्थ मिलाया गया, या फिर तीनों ने गलती से पानी समझकर कोई केमिकल पी लिया।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ज़हर कैसे गया।
पूरा मामला फॉरेंसिक जांच पर निर्भर करेगा।
स्थानीय लोगों पर असर – डर का माहौल
घटना के बाद खटीमा और आसपास के इलाके में लोगों में डर साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब की दुकानों पर निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि इस तरह की घटनाएं किसी भी परिवार पर अचानक दुख का पहाड़ गिरा सकती हैं।
शराब खरीदने वाले कई लोग अब दुकानों से दूरी बना रहे हैं। दुकानदारों पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि क्या सभी बोतलें असली हैं या उनमें मिलावट हो रही है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने:
अंग्रेजी शराब की दुकान सील कर दी है,
दुकान की डीवीआर फुटेज कब्जे में ली है,
बोतलों के सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे हैं,
और परिवार के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
थाना पुलिस ने बताया कि मामले में गंभीर धाराओं में केस दर्ज होगा, क्योंकि दो मौतें हो चुकी हैं।
आगे क्या हो सकता है?
फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद:
यह पता चलेगा कि बोतल में मिलावट थी या गाड़ी में मौजूद किसी अन्य केमिकल का सेवन गलती से हुआ।
अगर मिलावट की पुष्टि हो जाती है, तो दुकान मालिक और संबंधित सप्लायर्स पर कड़ी कार्रवाई तय है।
जिले में शराब दुकानों की दोबारा जांच भी शुरू हो सकती है।
इस अपडेट पर नज़र बनी हुई है।
