काशीपुर में आज परिवहन व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाने वाली स्थिति सामने आई है। दिल्ली रूट पर निजी टैक्सियां खुलेआम सवारियां ले जा रही हैं, जबकि रोडवेज की बसें खाली जा रही हैं। इस हालात से न सिर्फ रोडवेज को नुकसान हो रहा है, बल्कि नियमों की अनदेखी भी साफ दिख रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, काशीपुर डिपो से रोजाना करीब 15 रोडवेज बसें दिल्ली के लिए रवाना होती हैं। बावजूद इसके, महाराणा प्रताप चौक और टांडा मोड़ जैसे इलाकों से निजी टैक्सियां यात्रियों को सीधे दिल्ली ले जा रही हैं। नतीजा यह है कि रोडवेज की बसों में यात्री कम नजर आ रहे हैं।
क्या हुआ, कहां और कब?
यह स्थिति काशीपुर शहर में लगातार देखने को मिल रही है। निजी टैक्सियां ऑनलाइन एप के जरिए बुकिंग लेकर दिल्ली, देहरादून और हरिद्वार तक यात्रियों को ढो रही हैं। यात्रियों को सुविधा जरूर मिल रही है, लेकिन यह संचालन नियमों के दायरे में नहीं बताया जा रहा।
समस्या की वजह क्या है?
परिवहन विभाग के मुताबिक, ये वाहन डग्गामार श्रेणी में आते हैं और रोडवेज के तय रूट पर सवारियां उठाकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। विभाग ने कई बार अभियान चलाकर कार्रवाई की, लेकिन टैक्सियों का संचालन पूरी तरह रुक नहीं पाया। ऑनलाइन बुकिंग के कारण इन पर निगरानी और मुश्किल हो गई है।
स्थानीय लोगों और रोडवेज पर असर
इस स्थिति का सीधा असर रोडवेज की आय पर पड़ रहा है। बसें खाली जाने से विभाग को नुकसान हो रहा है। वहीं, कुछ यात्रियों का कहना है कि टैक्सी उन्हें घर के पास से पिकअप दे देती है, इसलिए वे उसी को चुनते हैं। इससे रोडवेज की विश्वसनीयता और संचालन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
आगे क्या हो सकता है?
काशीपुर डिपो के सहायक महाप्रबंधक नवीन आर्य ने बताया कि परिवहन विभाग को इन वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में निगरानी और कार्रवाई तेज की जाएगी, ताकि रोडवेज सेवाओं को राहत मिल सके।
इस update पर नजर बनी हुई है।
