ऊधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar): आज सामने आई एक चौंकाने वाली घटना में पता चला कि एक मकान जिसे बारह साल पहले बेच दिया गया था, उसे फिर 5.90 लाख रुपये में दोबारा बेच दिया गया। पीड़ित महिला की शिकायत पर अब अदालत ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं।
क्या हुआ और कब हुआ?
यह मामला Meghwala गाँव का है। यहां रहने वाली रूबीना परवीन ने बताया कि उन्होंने 20 नवंबर 2024 को अर्जुन सिंह से 5.90 लाख रुपये में मकान खरीदा। सौदा होने के बाद अर्जुन सिंह ने वही मकान 11 महीने के किराए पर ले लिया।
लेकिन नवंबर 2025 में जब रूबीना ने मकान खाली कराने को कहा, तो अर्जुन सिंह लगातार बचता रहा।
धोखाधड़ी कैसे सामने आई?
कुछ समय बाद रूबीना को पता चला कि अर्जुन सिंह वही मकान 7 अगस्त 2013 को ही जसवीर कौर नाम की महिला को बेच चुका था। यानी पहले से बिके मकान को दोबारा बेचकर धोखा दिया गया।
पुलिस ने FIR क्यों नहीं लिखी?
रूबीना ने पहले यह शिकायत कोतवाली जसपुर में दी, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
इसके बाद उन्होंने मामले को अदालत में ले जाया।
अदालत का आदेश
न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (जूडि) जहां आरा अंसारी की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए Jaspur Kotwali पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं।
स्थानीय लोगों पर असर
- इस घटना ने इलाके में संपत्ति खरीद-फरोख्त से जुड़ी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- लोग अब यह जानना चाह रहे हैं कि ऐसे मामलों से बचने के लिए कौन से दस्तावेज़ों की पूरी तरह जांच करनी चाहिए।
- ग्रामीण क्षेत्रों में फर्जी रजिस्ट्री और पुराने सौदों की जानकारी न होने के कारण ऐसे विवाद अक्सर सामने आते हैं।
अगला कदम क्या हो सकता है?
अब पुलिस FIR दर्ज कर जांच शुरू करेगी।
अगर दस्तावेज़ और पुराने बिक्री रिकॉर्ड में धोखाधड़ी पाई गई, तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
रियल एस्टेट मामलों में अक्सर राजस्व विभाग, रजिस्ट्री कार्यालय और पुलिस — तीनों की जांच शामिल होती है।
इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।
