रुद्रपुर के भूरारानी इलाके में स्थित एक निजी फैक्ट्री में देर रात बड़ा हंगामा हो गया। बैटरी निर्माण के दौरान एक मजदूर की आंख में एसिड गिर गया, लेकिन आरोप है कि समय पर इलाज नहीं कराया गया। इसके बाद साथी मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने फैक्ट्री परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।
जानकारी के मुताबिक सोमवार रात फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट के दौरान काम चल रहा था। इसी बीच अचानक बिजली चली गई। बताया जा रहा है कि तेज हवा के दबाव से एसिड उछलकर पास में काम कर रहे एक श्रमिक की आंख में जा गिरा। हादसे के बाद मजदूर दर्द से तड़पने लगा और साथी कर्मचारी तुरंत मदद के लिए आगे आए।
श्रमिकों का आरोप है कि उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन और सुपरवाइजर से घायल कर्मचारी का इलाज कराने की मांग की, लेकिन मौके पर कोई ठोस मदद नहीं मिली। इससे नाराज मजदूरों ने फैक्ट्री में ही विरोध शुरू कर दिया। काफी देर तक सहायता नहीं मिलने पर साथी कर्मचारियों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया और घायल को बरेली के राममूर्ति अस्पताल पहुंचाया।
इस घटना के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें कई बार बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के जोखिम भरे काम में लगाया जाता है। शिकायत करने पर नौकरी जाने का डर भी बना रहता है।
सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद फैक्ट्री प्रबंधन हरकत में आया और इलाज का खर्च उठाने का आश्वासन दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन मामले की जानकारी ली जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या फैक्ट्रियों में मजदूरों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है? स्थानीय लोग भी इस घटना के बाद फैक्ट्री सुरक्षा मानकों की जांच की मांग कर रहे हैं।
