किच्छा में जमीन खरीद का एक मामला अब बड़ा विवाद बन गया है। आज सामने आई इस शिकायत में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि पूरी रकम देने के बावजूद प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं की जा रही, बल्कि अब और पैसे की मांग हो रही है।
क्या हुआ, कहां और कब?
मामला किच्छा थाना क्षेत्र के इन्द्रानगर सिरौलीकलां का है। पीड़ित मोनिस कुरैशी ने बताया कि उन्होंने साल 2020 में अपनी बहन को शादी के तोहफे के रूप में 3 बिस्वा जमीन खरीदी थी। इस प्लॉट के लिए करीब 3 लाख रुपये तय हुए और उन्होंने पूरी रकम विक्रेताओं को दे दी।
इकरारनामा भी तैयार हुआ और परिवार को लगा कि अब रजिस्ट्री जल्दी हो जाएगी। लेकिन इसके बाद मामला उलझता चला गया।
क्यों बढ़ा विवाद?
पीड़ित का आरोप है कि विक्रेता लगातार रजिस्ट्री टालते रहे। अब हालात यह हैं कि वे रजिस्ट्री करने के बदले अतिरिक्त 5 लाख रुपये मांग रहे हैं।
इतना ही नहीं, पैसे न देने पर प्लॉट छीनने और जान से मारने की धमकी तक देने का आरोप लगाया गया है।
स्थानीय लोगों पर क्या असर?
इस घटना के बाद इलाके में जमीन खरीदने वाले लोगों के बीच डर और चिंता बढ़ गई है। लोग अब सोचने पर मजबूर हैं कि कहीं उनके साथ भी ऐसा न हो जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन के सौदों में पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन बहुत जरूरी है, नहीं तो बाद में बड़ी परेशानी हो सकती है।
आगे क्या हो सकता है?
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
बड़ा सवाल
क्या किच्छा में जमीन खरीदना अब जोखिम भरा हो गया है? और ऐसे मामलों से बचने के लिए लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।
