देहरादून से एक बड़ी खबर सामने आई है। अभी उत्तराखंड में शहरी विकास को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है, जहां केंद्र की ‘अर्बन चैलेंज फंड’ योजना राज्य के शहरों के लिए बड़ा मौका बनकर उभर रही है। सरकार का दावा है कि इससे छोटे-बड़े सभी शहरों की तस्वीर बदल सकती है।
राज्य सचिवालय में हुई एक अहम बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि सभी नगर निकाय जल्दी से अपने-अपने विकास प्रोजेक्ट तैयार करें और केंद्र सरकार को भेजें। यह योजना पूरे देश के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की है, जो 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर तीन वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।
इस योजना के तहत देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, ऋषिकेश जैसे शहरों में पानी, सीवरेज, कूड़ा प्रबंधन, ट्रैफिक और पर्यटन से जुड़े बड़े काम किए जाएंगे। खास बात यह है कि पहाड़ी राज्य होने की वजह से उत्तराखंड के सभी 108 नगर निकायों को इसमें शामिल किया गया है, जिससे छोटे शहरों को भी फायदा मिलेगा।
हालांकि इस योजना में एक शर्त भी है—किसी भी प्रोजेक्ट का कम से कम 50% पैसा बैंक लोन या अन्य माध्यम से जुटाना होगा। बाकी हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देंगे। इससे नगर निकायों को खुद भी आर्थिक रूप से मजबूत होना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों के लिए इसका मतलब है कि आने वाले समय में शहरों में बेहतर सड़कें, साफ-सफाई, पानी की सुविधा और ट्रैफिक व्यवस्था देखने को मिल सकती है। खासकर छोटे शहरों और कस्बों के लोगों को पहली बार बड़े स्तर पर विकास का फायदा मिल सकता है।
सरकार का कहना है कि यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि आने वाले सालों में उत्तराखंड के शहरों का पूरा रोडमैप है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या नगर निकाय समय पर अच्छे प्रोजेक्ट बनाकर इस मौके का पूरा फायदा उठा पाएंगे?
इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।
