चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर आज बड़ी तैयारी सामने आई है। डीजीपी दीपम सेठ की समीक्षा बैठक में साफ किया गया कि इस बार यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए बड़े स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं।
आने वाली चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान करीब 7,000 पुलिसकर्मी अलग-अलग जगहों पर तैनात किए जाएंगे। इनमें मंदिर परिसर, यात्रा मार्ग, पड़ाव और संवेदनशील स्थान शामिल हैं। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के साथ हरिद्वार और ऋषिकेश में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
पुलिस ने इस बार टेक्नोलॉजी का भी खास इस्तेमाल करने की तैयारी की है। यात्रा मार्गों पर 1,168 सीसीटीवी कैमरे और मंदिर परिसरों में 92 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा 15 ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति पर तुरंत नजर रखी जा सके। एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) भी प्रमुख जगहों पर तैनात रहेगा और समय-समय पर मॉक ड्रिल की जाएगी।
ट्रैफिक को संभालने के लिए 118 पार्किंग साइट चिन्हित की गई हैं। साथ ही बाइक पेट्रोलिंग और मोबाइल अलर्ट के जरिए यात्रियों को ट्रैफिक और मौसम की जानकारी दी जाएगी। प्रशासन ने फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए भी लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
स्थानीय लोगों के लिए यह तैयारी राहत भरी मानी जा रही है, क्योंकि हर साल भीड़ और ट्रैफिक से काफी दिक्कतें होती हैं। बेहतर व्यवस्था से व्यापार और पर्यटन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
अब सवाल यह है कि क्या इस बार इतने बड़े इंतजाम के बावजूद यात्रा पूरी तरह सुचारु और सुरक्षित रह पाएगी?
इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।
