किच्छा में आज वन विभाग की कार्रवाई ने सबको चौंका दिया। गश्त के दौरान एक कार से सागौन की लकड़ी बरामद हुई है, जिसके बाद तस्करी की आशंका और गहरी हो गई है।
शनिवार को शांतिपुरी-किच्छा मार्ग पर वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि एक सेंट्रो कार में सागौन की लकड़ी छुपाकर यूपी की तरफ ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही टीम अलर्ट हो गई और कार का पीछा शुरू किया। कुछ ही दूरी पर टीम ने कार को ओवरटेक कर रोक लिया।
जांच के दौरान कार से सागौन की लकड़ी के चार गिल्टे बरामद हुए। ये लकड़ी काफी कीमती मानी जाती है और बिना परमिट इसके परिवहन पर सख्त रोक है। टीम ने मौके पर ही मामला दर्ज कर लिया, लेकिन कार सवार मौके से फरार हो गए या उन्हें पकड़ने में सफलता नहीं मिल पाई—इस पर जांच जारी है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इलाके में पिछले कुछ समय से लकड़ी तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसे में यह कार्रवाई उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या ये कोई बड़ा नेटवर्क है, जो इस रास्ते से लकड़ी की सप्लाई कर रहा है?
स्थानीय लोगों में भी इस घटना के बाद चिंता बढ़ी है। जंगलों के पास रहने वाले लोगों का कहना है कि अगर तस्करी ऐसे ही चलती रही तो जंगलों को नुकसान होगा और पर्यावरण पर भी असर पड़ेगा।
फिलहाल वन विभाग आरोपियों की तलाश में जुटा है और आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं।
इस अपडेट पर नजर बनी हुई है।
